भारतीय गणतंत्र की स्थापना Formation of Indian Republic

प्रश्न 1. खाली स्थान भरिए-
1. सत्ता हस्तांतरण सम्बन्धी तीन ब्रिटिश मंत्रियों की समिति को कैबिनेट मिशन कहते हैं ।
2. केन्द्र में अंतरिम सरकार का गठन पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में हुआ था ।
3. संविधान सभा (संविधान निर्मात्री समिति ) के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे ।
4. संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे ।
5. भारत की स्वतंत्रता के समय इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री एटली थे ।
6. ब्रिटिश भारत का अंतिम वायसराय लार्ड माउंटबेटन थे।
7. स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर लार्ड माउंटबेटन जनरल थे ।
8. स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे ।
9. सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत का लौह पुरुष कहा जाता है ।
सुमेलित कीजिए
क. सीधी कार्यवाही दिवस 16 अगस्त 1946
ख. स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947
ग. संविधान के प्रारूप को अंतिम रूप 26 नवम्बर 1949
घ. गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950

3. तिथियों के योजनाओं को उचित क्रम में लिखिए
माउंटबेटन योजना, केबिनेट मिशन योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम
उत्तरः ( 1 ) केबिनेट मिशन योजना , ( 2 ) माउंट बेटन योजना , ( 3 ) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ।
4. प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
1. केबिनेट मिशन क्या है ?
उत्तरः सन् 1946 में इंग्लैण्ड के तत्कालीन प्रधानमंत्री एटली ने भारत को स्वतंत्र करने का विचार किया । भारत शीघ्र आजाद होने की उद्देष्य की पूर्ति के लिए उसने एक तीन सदस्यीय समिति गठित की । इस समिति को भारतीय नेताओं से बातचीत कर उसे मौजूदा समस्याओं को दूर करने तथा सुझाव देने का दायित्व सौंपा । इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि संविधान सभा में प्रांतीय विधान सभाओं द्वारा चुने गए व्यक्ति और भारतीय रियासतों के राजाओं द्वारा मनोनीत व्यक्ति शामिल होंगे । इसे ही केबिनेट मिशन कहते हैं ।




2. अंतरिम सरकार की स्थापना कैसे हुई ?
उत्तरः गवर्नर जनरल वेवेल के आमंत्रण पर केन्द्र पर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी कांग्रेस के नेता पं . जवाहर लाल नेहरू ने सरकार का गठन किया । अंतरिम सरकार में पहले तो मुस्लिम लीग शामिल नहीं हुई थी और जब शामिल हुई तो उसने सरकार के कार्यों में बाधा डालना शुरू कर दिया । इसके अलावा डॉ . राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में संविधान सभा का गठन हुआ , जिसने दिसम्बर , सन् 1946 से अपना काम शुरू कर दिया लेकिन मुस्लिम लीग तथा राजाओं ने उसमें भाग नहीं लिया ।
3. माउंटबेटन योजना क्या है ?
उत्तरः लार्ड माउंट बेटन मार्च सन् 1947 को वायसराय बनकर भारत आए । वे देश की स्वतंत्रता की योजना को अंतिम रूप देने आये थे । जब वे भारत आए तो उस समय भारत सांमप्रदायिक अराजकता की दौर से गुजर रहा था । लार्ड माउंट बेटन ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के शीर्ष नेताओं से लम्बी बातचीत की लेकिन समझौता का आसार नजर नहीं आया तो अंत में उसने भारत विभाजन की सिफारिश कर दी। इस योजना को माउंट बेटन योजना के नाम से जाना जाता है ।
14. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम क्या है ?
उत्तरः लार्ड माउंट बेटन की सिफारिश पर इंग्लैण्ड की संसद द्वारा 18 जुलाई, सन् 1947 को एक प्रस्ताव पारित किया गया । इस अधिनियम को ही भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम कहा जाता है । इस अधिनियम की मुख्य बातें निम्न हैं ।
( 1 ) भारत तथा पाकिस्तान के रूप में दो स्वतंत्र राज्यों का निर्माण ।
(2 ) दोनों को अपना संविधान निर्माण की स्वतंत्रता ।
( 3 ) दोनों देश चाहे तो राष्ट्र मण्डल के सदस्य रहे ।
( 4 ) भारत सचिव पद की समाप्ति ।
( 5 ) ब्रिटिश शासन का अंत ।
( 6 ) नये संविधान बनने तक 1935 अधिनियम लागू ।
( 7 ) दोनों देशों से इंग्लैण्ड की सभी पुरानी संधि समाप्त ।
( 8 ) दोनों को गवर्नर जनरल चुनने की स्वतंत्रता ।
( 5 ) देशी रियासतों का विलय क्यों किया गया ?




5. देशी रियासतों का विलय क्यों किया गया?
उत्तरः भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के अनुसार भारत को आजादी मिली , साथ ही भारत का विभाजन भारत और पाकिस्तान नामक दो देशों का गठन हो गया । उस समय देश में लगभग 150 से ज्यादा स्वतंत्र रियासतें थीं । उनके विषय में यह प्रावधान किया गया था कि वे चाहें तो दोनों में से किसी भी राज्य में शामिल हो सकते हैं भारतीय राजनेता देश के विभाजन का दंश तो खेल चुके थे और अब वे भारत को छोटे – छोटे टुकड़ों में बँटता नहीं देख सकते थे । यदि ये रियासतें स्वतंत्र राज्य बन जाती तो इससे भारतीय सुरक्षा को खतरा भी उत्पन्न हो जाता । अतः भारत की एकता और अखण्डता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए देशी रियासतों का विलय आवश्यक था । भारत में रियासतों के विलय की जिम्मेदारी दबंग नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल के मजबूत कंधे पर सौंपी गई । इसीलिए विलय आवश्यक हो गया था।

6. भारतीय गणतंत्र की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई ?
उत्तरः उत्तर – समस्याएँ –
1. शरणार्थियों की समस्या पाकिस्तान से हिन्दुओं तथा अन्य जातियों को भगाया गया । ये सब भारत आये । इन्हें बसाना बड़ी समस्या थी ।
2. रोजगार की समस्या – पाकिस्तान से आये लोगों के पास रोजी – रोटी का कोई साधन नहीं था । भारत के सामने रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई ।
3. आर्थिक समस्या – भारत – पाक बँटवारे के कारण कई उद्योग पाकिस्तान में चले गये , कई कारखाने बन्द हो गये । मजदूर बेकार हो गये । भारत की अर्थव्यवस्था लड़र गई ।4. भोजन की समस्या – विभाजन के बाद गेहूँ और चावल उत्पन्न करने वाला एक विस्तृत क्षेत्र पाकिस्तान में चला गया । इससे अन्न संकट उत्पन्न हो गया ।
5. परिवहन व्यवस्था की समस्या- देश विभाजन के कारण परिवहन व्यवस्था अस्त – व्यस्त हो गई ।
6. कश्मीर समस्या- पाकिस्तान ने कश्मीर पर आक्रमण कर दिया । कश्मीरी भारत में मिलना चाहते थे । कश्मीर में सेना भेजी गई और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया ।
7. देशी राज्यों की समस्या- भारत की स्वतंत्रता के साथ 500 से भी अधिक देशी रियासतें भी स्वतन्त्र हो गईं । इन रियासतों को भारत संघ में शामिल किये बिना भारत की स्वतन्त्रता अधूरी थी ।
5. टिप्पणी लिखिए
क. लीग की सीधी कार्यवाही ।
लीग की सीधी कार्यवाही
मुस्लिम लीग अलग राज्य के रूप में पाकिस्तान चाहती थी और कांग्रेस भारत का विभाजन हर हाल में रोकना चाहती थी । 19 अगस्त , सन् 1946 को मुस्लिम लीग की यह अलगाववादी भावना परवान चढ़ गई और उसने श् सीधी कार्यवाही दिवस श् की घोषणा कर दी । इस घोषणा के बाद पूरे देश में साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे । बंगाल , बिहार , मुम्बई और कई राज्यों में हिन्दू – मुसलमान आपस में मरने – मारने लगे । पूरे देश में साम्प्रदायिकता का तांडव होने लगा । हजारों निर्दाेष लोग अकारण मारे गए लेकिन न ही मुस्लिम लीग ने इसका विरोध किया और न ही सरकार द्वारा इसे रोकने का प्रयास किया गया । यह दंगा महीनों चलता रहा जिसमें लाखों की जानें गई और अरबों की सम्पत्ति जल कर खाक हो गई ।

ख. भारत विभाजन ।
उत्तरः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस प्रारंभ से ही भारत विभाजन नहीं चाहती थी । पर मोहम्मद अली जिन्ना की कट्टरता और देश में भड़कती हिंसा और अपार धन- जन की हानि ने उन्हें भारत विभाजन को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया । महात्मा गाँधी ने विवश होकर कहा कि “ शरीर के किसी अंग में यदि असाध्य रोग हो जाय तो उस अंग को काटकर फेंक देना चाहिए । स्पष्ट था कि कांग्रेस ने लाचारी की स्थिति में भारत विभाजन को स्वीकार किया और अखण्ड भारत , पाकिस्तान और भारत के रूप में दो खण्ड हो गया । पश्चिम पंजाब , पूर्वी बंगाल , सिंध और पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत को मिलाकर पाकिस्तान बना । शेष भारत , भारतदेश बना

ग. भारतीय संविधान का निर्माण:
डॉ . राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में भारतीय संविधान के निर्माण के लिए एक समिति गठित की गई , जिसका नाम संविधान सभा था । इस सभा में संविधान प्रारूप समिति गठित की गई , जिसके अध्यक्ष डॉ . भीमराव अम्बेडकर थे । इस समिति ने दिसम्बर , सन् 1946 में अपना कार्य आरम्भ किया और नये संविधान का प्रारूप 26 नवम्बर सन् 1949 को बनकर तैयार हो गया । लेकिन इसे 26 जनवरी सन् 1950 को पूरे देश में लागू किया गया । इस प्रकार हमारा देश सम्पूर्ण प्रभुत्व गणराज्य बन गया । इस दिन की याद में हम प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व ( गणतंत्र दिवस ) के रूप में मनाते हैं ।

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